शुक्रवार को देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 400 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दीं। इस फैसले ने लाखों यात्रियों को प्रभावित किया है, जिनमें से कई लोग हवाई अड्डों पर फंसे रह गए। एयरलाइन के अनुसार, यह स्थिति अचानक बढ़े कर्मचारी संकट, स्टाफ की अनुपलब्धता और परिचालन चुनौतियों के कारण उत्पन्न हुई।
इंडिगो प्रबंधन ने कहा कि कंपनी इस समय गंभीर ऑपरेशनल दबाव से गुजर रही है। बड़ी संख्या में पायलटों और क्रू मेंबरों की अनुपस्थिति के चलते उड़ानों को समय पर संचालित करना मुश्किल हो रहा है। इसी कारण एयरलाइन ने सरकार से 10 फरवरी तक की मोहलत मांगी है ताकि वह परिचालन व्यवस्था को व्यवस्थित कर सके और उड़ान सेवाओं को सामान्य कर सके।
उड़ानों के रद्द होने से देशभर के हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। कई यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें उड़ान रद्द होने की जानकारी अंतिम क्षणों में मिली, जिससे उनकी यात्रा योजनाएँ पूरी तरह प्रभावित हो गईं। कुछ यात्रियों ने कहा कि उन्हें न तो समय पर वैकल्पिक उड़ान मिली और न ही उचित सहायता।
एयरलाइन ने यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि जिनकी उड़ानें रद्द हुई हैं, उन्हें पूर्ण रिफंड, वैकल्पिक उड़ान या री-शेड्यूलिंग की सुविधा दी जाएगी।
इंडिगो ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को लिखित अनुरोध भेजा है कि उसे 10 फरवरी तक उड़ान संचालन को स्थिर करने का समय दिया जाए। एयरलाइन का कहना है कि यह समय मिल जाने पर वह अपने क्रू शेड्यूल, फ्लीट मैनेजमेंट, और स्टाफ बैलेंसिंग को बेहतर ढंग से संभाल सकेगी।
Read Also: इंडिया गेट प्रोटेस्ट मामले में अरेस्ट 9 आरोपियों को मिली जमानत, पुलिस पर छिड़का था मिर्च स्प्रे
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होना भारतीय एविएशन सेक्टर के लिए चिंता का विषय है। इससे न सिर्फ यात्रियों को मुश्किलें हो रही हैं बल्कि पर्यटन और व्यवसायिक सफर पर भी असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों ने एयरलाइंस को सलाह दी है कि वे स्टाफ मैनेजमेंट और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करें ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।
इंडिगो ने 400 से ज्यादा उड़ानें रद्द कीं।
कर्मचारी संकट और परिचालन समस्याओं को बताया मुख्य कारण।
एयरलाइन ने सरकार से 10 फरवरी तक की मोहलत मांगी।
यात्रियों को रिफंड, री-शेड्यूलिंग और वैकल्पिक उड़ानें देने का आश्वासन।
हवाई अड्डों पर यात्रियों को घंटों इंतजार का सामना करना पड़ा।
यह भी पढ़ें: भारत दौरे पर पुतिन: 2022 के बाद पहली ऐतिहासिक यात्रा में क्या होगा खास?