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इंडिया गेट प्रोटेस्ट मामले में अरेस्ट 9 आरोपियों को मिली जमानत, पुलिस पर छिड़का था मिर्च स्प्रे

यह वही मामला है जिसमें प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर मिर्च स्प्रे छिड़कने और धक्का–मुक्की करने के आरोप लगे थे। अदालत ने सभी आरोपियों को तय शर्तों के साथ राहत दी है, जबकि पुलिस इस मामले में आगे की जांच जारी रखे हुए है।

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इंडियागेट प्रोटेस्ट केस: 9 आरोपी हुए जमानत-पात्र

नई दिल्ली — India Gate पर हाल ही में हुए वायु प्रदूषण विरोधी प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर मिर्च स्प्रे छिड़कने समेत अन्य आरोपों में गिरफ्तार 9 प्रदर्शनकारियों को शुक्रवार को Patiala House Court ने जमानत दे दी है। अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 20,000 रुपये के मुचलके पर राहत दी। 

मामला क्या है

इस प्रदर्शन को वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर के विरोध में आयोजित किया गया था। लेकिन देखते ही देखते हालात नियंत्रण से बाहर हो गए — पुलिस कर्मियों पर मिर्च स्प्रे और अतर्कित हिंसा की घटनाएं हुईं। पुलिस का कहना है कि लगभग 10 जवान इस हमले में घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ पुलिस पर हमला किया, बल्कि भीड़ ने सड़क जाम कर दी और सुरक्षा बलों के साथ झड़पें शुरू हो गईं।

जमानत लेकिन पूरी नहीं आज़ादी

हालांकि 9 आरोपियों को जमानत मिली है, बावजूद इसके — वे पूरी तरह आज़ाद नहीं हुए हैं। दरअसल, ये जमानत केवल एक केस (पुलिस से मुठभेड़ व झड़प) के लिए दी गई थी। इसके ठीक बाद पुलिस ने उन पर एक और मामले में — मिर्च स्प्रे के इस्तेमाल का — अलग से FIR दर्ज की है, जिसके तहत 8 आरोपियों को ताज़ा गिरफ्तार कर 7-दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

न्यायालय ने कहा कि इस पहले मामले में आगे की हिरासत ज़रूरी नहीं है क्योंकि “प्रवर्तन अधिकारी (IO) ने पुलिस कस्टडी मांग नहीं की है और जांच के लिए उनकी रिमांड की ज़रूरत नहीं दिखती।” 

 पुलिस — प्रदर्शनकारियों का आरोप और सरकार का रुख

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने ना सिर्फ जाम किया बल्कि नक्सली विचारधारा का समर्थन करते हुए नारे लगाए थे — वो कथित तौर पर मृत नक्सली कमांडर Madvi Hidma के पोस्टर लेकर आए थे। इससे मामला सिर्फ प्रदूषण विरोध नहीं रह गया, बल्कि ‘‘अराजकता एवं अस्थिरता’’ जैसा रंग लेने लगा। FIR में कई गंभीर धाराएँ शामिल की गई हैंसार्वजनिक सेवा में बाधा, पुलिस कर्मियों पर हमला, असहयोग, राष्ट्रीय संप्रभुता के खिलाफ अपराध जैसी धाराएं। 

पुलिस ने ताज़ा गिरफ्तारी के लिए कहा है कि उन्हें “क CCTV फुटेज, सोशल मीडिया पोस्ट, और मिर्च स्प्रे बॉटल्स” जैसे सबूत मिले हैं, और जांच जारी है। 

यह मामला सिर्फ वायु प्रदूषण विरोधी प्रदर्शन से शुरू हुआ था, लेकिन बढ़ती हिंसा, पुलिस पर हमला व नक्सली विचारधारा के लिंक के आरोपों ने स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। जमानत व पुनः गिरफ्तारी ने यह संकेत भी दिया है कि न्यायालय व पुलिस — दोनों मामले की गंभीरता को देखते हुए — सख्ती से नज़र रख रहे हैं।


 

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