देश को झकझोर देने वाले खुशी हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पड़ोसियों और आसपास रहने वाले लोगों ने जो बातें बताई हैं, उन्हें सुनकर हर किसी का दिल दहल गया। आरोप है कि खुशी को उसके सौतेले मां-बाप अक्सर फ्लैट में बंद करके बाहर घूमने चले जाते थे। इतना ही नहीं, अगर बच्ची से कोई खिलौना टूट जाता था तो उसे घंटों तक भूखा रखा जाता था।
पड़ोसियों के मुताबिक, कई बार फ्लैट से बच्ची के रोने और चीखने की आवाजें सुनाई देती थीं, लेकिन परिवार किसी को भी अंदर आने नहीं देता था। अब इस मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है और कई अहम सबूत जुटाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खुशी बेहद शांत स्वभाव की बच्ची थी, लेकिन उसके चेहरे पर हमेशा डर साफ दिखाई देता था। पड़ोसियों ने बताया कि कई बार बच्ची बालकनी में अकेली खड़ी दिखाई देती थी, जबकि उसके माता-पिता बाहर घूमने निकल जाते थे।
एक पड़ोसी ने दावा किया कि उन्होंने कई बार बच्ची को खाना मांगते देखा था। अगर वह कोई गलती कर देती थी तो उसे सजा दी जाती थी। खिलौना टूटने जैसी छोटी बात पर भी उसे भूखा रखा जाता था, जो बेहद अमानवीय व्यवहार माना जा रहा है।
लोगों का कहना है कि परिवार का व्यवहार शुरू से ही संदिग्ध था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि मामला इतना गंभीर हो सकता है।
पुलिस ने फ्लैट को सील कर दिया है और फॉरेंसिक टीम ने मौके से कई अहम सबूत जुटाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बच्ची के साथ लंबे समय से प्रताड़ना की आशंका है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या खुशी को मानसिक और शारीरिक रूप से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि घटना से जुड़े हर पहलू की सच्चाई सामने लाई जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सौतेले मां-बाप से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में किसी और की भी भूमिका थी।
इस दर्दनाक घटना के सामने आने के बाद सोशल Media पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले को लेकर चिंता जताई है और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त कानून लागू करने की बात कही है।
मासूम खुशी की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। अब हर किसी की नजर पुलिस जांच और कोर्ट की कार्रवाई पर टिकी हुई है, ताकि बच्ची को इंसाफ मिल सके।
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