उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान कई जिलों में 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा असर बिजली व्यवस्था और स्कूल संचालन पर देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में बिजली कटौती बढ़ने से लोग बिजली केंद्रों पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदेश के कई जिलों जैसे लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है। लगातार एसी, कूलर और पंखों के इस्तेमाल से बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। कई जगहों पर ट्रांसफार्मर फुंकने और लंबे समय तक बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आई हैं। इससे नाराज लोगों ने बिजली विभाग के दफ्तरों और उपकेंद्रों पर हंगामा किया।
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोग घंटों बिजली न आने से परेशान हैं। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं ने बिजली केंद्रों का घेराव किया और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ जगहों पर स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस बल तैनात करना पड़ा। बिजली विभाग का कहना है कि बढ़ती मांग के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है, लेकिन जल्द ही व्यवस्था सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।
गर्मी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने भी विशेष अलर्ट जारी किया है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। कई जिलों में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों को सुबह जल्दी खोलने और दोपहर से पहले बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
कुछ जिलों में यदि तापमान और बढ़ता है, तो स्कूलों में छुट्टी घोषित करने पर भी विचार किया जा सकता है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को धूप में बाहर भेजने से बचें और पर्याप्त पानी पिलाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को लू और डिहाइड्रेशन से बचने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचना चाहिए। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रदेश में गर्मी का यह प्रकोप फिलहाल जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन, बिजली विभाग और स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। जनता को भी सतर्क रहकर इस मौसम से बचाव करना होगा।
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