सीएम योगी का युवाओं को तोहफा

सीएम योगी का युवाओं को तोहफा... अब स्मार्टफोन की जगह मिलेंगे ज्यादा फीचर्स वाले लेटेस्ट टैबलेट

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सीएम योगी का युवाओं को तोहफा... अब स्मार्टफोन की जगह मिलेंगे ज्यादा फीचर्स वाले लेटेस्ट टैबले

पाँच साल तक चलने वाली इस योजना के लिए 2000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। यह पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि टैबलेट तकनीकी रूप से स्मार्टफोन से कहीं बेहतर हैं। इनमें बड़ी स्क्रीन, दमदार बैटरी बैकअप, मल्टीटास्किंग की सुविधा के साथ-साथ वर्ड, एक्सेल, गूगल डॉक्यूमेंट्स जैसे शैक्षिक और रोजगारपरक ऐप चलाना भी आसान है। 

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत राज्य के लाखों पात्र युवाओं को स्मार्टफोन की जगह नवीनतम तकनीक से युक्त टैबलेट वितरित करेगी।

लखनऊ के लोकभवन में आयोजित उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में इस महत्वपूर्ण निर्णय को मंजूरी दी गई

पांच साल तक चलने वाली इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 2000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। यह पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और इसमें केंद्र सरकार की कोई भागीदारी नहीं होगी। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि टैबलेट तकनीकी रूप से स्मार्टफोन से कहीं बेहतर हैं। इनमें बड़ी स्क्रीन, दमदार बैटरी बैकअप, मल्टीटास्किंग की सुविधा के साथ ही वर्ड, एक्सेल, गूगल डॉक्यूमेंट आदि शैक्षिक व रोजगारपरक एप चलाना आसान है। मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि इस योजना के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को उच्चस्तरीय डिजिटल संसाधनों से लैस कर शैक्षिक पाठ्यक्रमों की बेहतर तैयारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता, सरकारी व निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में प्रतिस्पर्धा और स्वरोजगार की दिशा में अग्रसर करने का ठोस प्रयास है।

चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को कैबिनेट की हरी झंडी

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने एक और महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दे दी है। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंज़ूरी दे दी गई है, जिससे न केवल चित्रकूट का धार्मिक महत्व बढ़ेगा, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास को भी गति मिलेगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 939.67 करोड़ रुपये होगी और इसे ईपीसी (इंजीनियरिंग-खरीद-निर्माण) मॉडल पर 548 दिनों में पूरा किया जाएगा।

यह एक्सप्रेसवे भारतीकूप से शुरू होकर अहमदगंज तक जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 15.172 किलोमीटर होगी। फिलहाल इसे चार लेन में विकसित किया जाएगा, लेकिन भविष्य में इसे छह लेन तक विस्तारित करने की योजना है। यह एक्सप्रेसवे वाराणसी-बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़कर 135 बीजी राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ जाएगा। इसके निर्माण से जहाँ श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुगम यातायात सुविधा मिलेगी, वहीं चित्रकूट को एक नए आर्थिक और धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। इस परियोजना के तहत निर्माण और रखरखाव कार्यों से लगभग 38 लाख मानव दिवस का रोजगार भी सृजित होगा।

पॉलिटेक्निक संस्थानों में तकनीकी शिक्षा का कायाकल्प

राज्य सरकार ने तकनीकी शिक्षा को औद्योगिक माँग के अनुरूप ढालने की दिशा में एक बड़ा निर्णय लिया है। राज्य के 121 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों को टाटा पावर दिया गया है।

यह उन्नयन टीटीएल टेक्नोलॉजी लिमिटेड (टीटीएल) के सहयोग से किया जाएगा। परियोजना की कुल लागत 6935.86 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें से टीटीएल 6034.20 करोड़ रुपये वहन करेगी, जबकि राज्य सरकार 1063.96 करोड़ रुपये खर्च करेगी। परियोजना की लागत 6935.86 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें से टीटीएल 6034.20 करोड़ रुपये वहन करेगी, जबकि राज्य सरकार 1063.96 करोड़ रुपये खर्च करेगी। सरकार बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए अतिरिक्त 858.11 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

इस परियोजना के पहले चरण में 45 पॉलिटेक्निक संस्थानों को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शामिल किया गया है। इन संस्थानों में "टाटा टेक्नोलॉजी एक्सीलेंस सेंटर" स्थापित किए जाएँगे, जहाँ छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, डिज़ाइन और मैन्युफैक्चरिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा। इससे तकनीकी डिप्लोमा करने वाले छात्रों के प्लेसमेंट की संभावनाएँ कई गुना बढ़ जाएँगी।

संपत्ति पंजीकरण में महिलाओं को बड़ी राहत 

उत्तर प्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और ठोस कदम उठाया है। अब अगर किसी महिला के नाम पर 1 करोड़ रुपये तक की संपत्ति (जैसे मकान, प्लॉट आदि) खरीदी जाती है, तो उस पर स्टाम्प शुल्क में 1 प्रतिशत की छूट मिलेगी। अभी तक यह छूट केवल 10 लाख रुपये तक की संपत्ति तक ही सीमित थी, जिससे महिलाओं का सशक्तिकरण होगा।

विधानसभा का मानसून सत्र 11 अगस्त से शुरू होगा।
केबिनेट बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए यह निर्णय लिया गया कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 11 अगस्त से शुरू होगा। यह सत्र संविधान के अनुच्छेद 174(1) के तहत अनिवार्य है, जिसके अनुसार दो सत्रों के बीच छह महीने से अधिक का अंतराल नहीं हो सकता। मानसून सत्र के दौरान उन अध्यादेशों के प्रतिस्थापन विधेयक प्रस्तुत किए जाएँगे जो पिछले सत्रावसान के बाद जारी किए गए हैं। इसके अलावा, इस सत्र में कई विधायी और औपचारिक कार्य भी पूरे किए जाएँगे।