यूपी: खाद की कालाबाजारी पर योगी सरकार सख्त, अधिकारियों को लगातार निगरानी के निर्देश, उपलब्धता की दी जानकारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जिलों में लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही, किसानों से भी अपील की गई है कि वे आवश्यकता से अधिक खाद का भंडारण न करें और ज़रूरत पड़ने पर दोबारा खाद लें। खाद की उपलब्धता में कोई कमी नहीं है।

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योगी सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि प्रदेश में कहीं भी खाद की कोई समस्या या कमी नहीं है। किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। सरकार ने खाद का अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है। कृषि विभाग ने सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता और बिक्री की जानकारी दी। खरीफ सीजन 2024 में इस अवधि (18 अगस्त) तक 36.76 लाख मीट्रिक टन खाद की बिक्री हुई, जबकि इस वर्ष अब तक 42.64 लाख मीट्रिक टन खाद की बिक्री हो चुकी है।

मुख्यमंत्री की किसानों से अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से खाद का भंडारण न करने की अपील की। जितनी ज़रूरत हो, उतना ही खाद लें, जब भी ज़रूरत हो, खाद लें। हर ज़िले में शिकायत प्रकोष्ठ है। किसी भी समस्या की स्थिति में सूचित करें। मुख्यमंत्री ने खाद की ओवररेटिंग और कालाबाज़ारी करने वालों को भी कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने ज़िले में तैनात अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने, किसानों से संवाद स्थापित करने और समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए हैं। कृषि विभाग ने बताया कि राज्य में खाद की कोई कमी नहीं है।

पिछले साल से ज़्यादा खाद वितरण

राज्य में इस साल अब तक पिछले साल से ज़्यादा खाद वितरित की जा चुकी है। पिछले साल 27.25 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरित किया गया था, इस साल अब तक 31.62 लाख मीट्रिक टन वितरित किया जा चुका है। 2024 में डीएपी वितरण 5.28 लाख मीट्रिक टन था, इस साल 5.38 लाख मीट्रिक टन बिका। एनपीके खाद (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटेशियम मिश्रण) का वितरण पिछले साल 2.07 लाख मीट्रिक टन था, इस साल 2.39 लाख मीट्रिक टन वितरित किया जा चुका है। इस वर्ष एमओपी (म्यूरिएट ऑफ पोटाश) का वितरण 0.25 लाख मीट्रिक टन की तुलना में 0.46 लाख मीट्रिक टन किया गया। वहीं, एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) का वितरण 2024 में 1.91 लाख मीट्रिक टन था, इस वर्ष 2.79 लाख मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया गया है।

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उर्वरक की उपलब्धता

यूरिया: 18 अगस्त तक राज्य में 37.70 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता थी। इसमें से 31.62 लाख मीट्रिक टन किसानों द्वारा खरीदा जा चुका है।

डीएपी: 18 अगस्त तक 9.25 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता थी, जिसमें से 5.38 लाख मीट्रिक टन किसानों द्वारा खरीदा जा चुका है।

एनपीके: 18 अगस्त तक 5.40 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता थी। इसमें से 2.39 लाख मीट्रिक टन किसानों द्वारा खरीदा गया।

पिछले वर्ष की तुलना में 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की बिक्री

खरीफ फसलों की बुवाई पूरी हो चुकी है। मुख्य फसल धान में टॉप-ड्रेसिंग के लिए प्रतिदिन औसतन 49564 मीट्रिक टन यूरिया की खपत/बिक्री हो रही है। इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में 16.04% (मात्रा 4.37 लाख मीट्रिक टन) अधिक यूरिया उर्वरक की बिक्री हुई है।