फुटबॉल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में शामिल लियोनेल मेसी के लिए अमेरिका का मेटलाइफ स्टेडियम एक बार फिर निराशा और दर्द की यादें छोड़ गया। यही वह मैदान है, जहां साल 2016 में कोपा अमेरिका फाइनल में हार के बाद मेसी ने भावुक होकर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने अपना फैसला बदल लिया और अर्जेंटीना के लिए खेलना जारी रखा। लेकिन वर्षों बाद एक बार फिर इसी मैदान पर उनका दूसरा फीफा क्लब वर्ल्ड कप जीतने का सपना टूट गया।
साल 2016 में अर्जेंटीना और चिली के बीच खेले गए कोपा अमेरिका फाइनल में पेनल्टी शूटआउट के दौरान मेसी अपनी किक गोल में नहीं बदल सके। अर्जेंटीना को हार मिली और लगातार बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में हार से निराश मेसी ने संन्यास की घोषणा कर दी थी। यह फैसला पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रेमियों के लिए बड़ा झटका था।
हालांकि कुछ महीनों बाद उन्होंने वापसी की और अपने देश के लिए खेलना जारी रखा। इसके बाद उन्होंने 2021 में कोपा अमेरिका, 2022 में फीफा वर्ल्ड कप और कई अन्य बड़े खिताब जीतकर आलोचकों को जवाब दिया।
इस बार मेटलाइफ स्टेडियम में मेसी अपनी मौजूदा टीम के साथ दूसरा क्लब वर्ल्ड कप जीतने की उम्मीद लेकर उतरे थे। लेकिन टीम को मिली हार के साथ उनका यह सपना भी अधूरा रह गया।
मैच के दौरान विरोधी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और मेसी की टीम को वापसी का मौका नहीं दिया। मेसी ने कई अच्छे मूव बनाए, लेकिन विपक्षी रक्षा पंक्ति के सामने उनकी कोशिशें सफल नहीं हो सकीं। अंतिम सीटी बजते ही स्टेडियम में निराशा साफ दिखाई दी और मेसी के चेहरे पर भी हार का दर्द झलक उठा।
हालांकि इस हार ने मेसी के एक और बड़े सपने को रोक दिया, लेकिन उनके करियर की उपलब्धियां आज भी उन्हें दुनिया का सबसे महान खिलाड़ियों में शामिल करती हैं। उन्होंने अर्जेंटीना को 2022 फीफा वर्ल्ड कप जिताया, कई बार बैलन डी'ओर अपने नाम किया और क्लब स्तर पर भी अनगिनत ट्रॉफियां जीतीं।
फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि किसी एक हार से मेसी की महानता कम नहीं होती। उन्होंने अपने करियर में कई बार मुश्किल परिस्थितियों से वापसी कर इतिहास रचा है।
2016 में इसी मेटलाइफ स्टेडियम पर कोपा अमेरिका फाइनल हारने के बाद लियोनेल मेसी ने अंतरराष्ट्रीय संन्यास का ऐलान किया था।
अब इसी मैदान पर उनका दूसरा क्लब वर्ल्ड कप जीतने का सपना भी टूट गया, जिससे मेटलाइफ एक बार फिर उनके लिए दर्दभरी याद बन गया।
मेटलाइफ स्टेडियम फिर बना मेसी के दर्द का प्रतीक।
2016 का संन्यास और अब दूसरे क्लब वर्ल्ड कप का सपना इसी मैदान पर टूटा।
मेसी की टीम को हार, खिताबी उम्मीदें खत्म।
2022 वर्ल्ड कप विजेता मेसी का संघर्ष और वापसी आज भी प्रेरणादायक।
फुटबॉल प्रशंसकों के लिए मेटलाइफ स्टेडियम अब भी मेसी के करियर की सबसे भावुक यादों में शामिल रहेगा।
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