आजकल ऑनलाइन शॉपिंग बहुत लोकप्रिय है। लोग कपड़े, स्मार्टफोन से लेकर बाइक तक सब कुछ ऑनलाइन ऑर्डर कर रहे हैं। इस क्रेज को देखकर फ्लिपकार्ट, अमेज़न, मीशो और मिंत्रा जैसी कंपनियां शानदार सेल की घोषणा करती रहती हैं। कभी 50% डिस्काउंट तो कभी 80% तक का। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये कंपनियां त्योहारों की सेल में अपने प्रोडक्ट इतने सस्ते कैसे बेच पाती हैं? असल में, 90% लोग इसका जवाब नहीं जानते। तो, आइए जानते हैं कि ऑनलाइन प्रोडक्ट इतने सस्ते क्यों होते हैं।
ऑनलाइन कंपनियां सीधे मैन्युफैक्चरर से बड़ी मात्रा में प्रोडक्ट खरीदती हैं। बल्क में खरीदने से उन्हें प्रोडक्ट बहुत कम कीमत पर मिल जाते हैं। इस डील में बीच के लोग या डीलर न होने से लागत कम हो जाती है। इसके अलावा, जब किसी मौजूदा प्रोडक्ट का नया मॉडल आता है, तो कंपनियां पुराने स्टॉक को जल्दी खत्म करने के लिए भारी डिस्काउंट देती हैं। इसे 'स्टॉक क्लियरेंस' कहते हैं।
कंपनियां जानती हैं कि ग्राहक डिस्काउंट की ओर आकर्षित होते हैं। इसलिए वे अपनी वेबसाइट या ऐप पर ज़्यादा ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए भारी डिस्काउंट देती हैं। यह एक मार्केटिंग स्ट्रेटेजी है। जब आप सेल में जाते हैं, तो आप सिर्फ़ एक सस्ता प्रोडक्ट नहीं खरीदते; आप कई दूसरी चीजें भी खरीद लेते हैं। इस तरह, कंपनी को कुल मिलाकर अच्छा-खासा मुनाफा होता है।
दीपावली और दशहरा जैसे त्योहारों के दौरान लोग खूब शॉपिंग करते हैं। कंपनियां इस मौके का फायदा उठाकर "बिग बिलियन डेज़" या "फ्लैश सेल" जैसे नामों से ग्राहकों को लुभाती हैं। ये नाम ग्राहक के मन में जल्दबाजी का भाव पैदा करते हैं - उन्हें लगता है कि अगर वे तुरंत नहीं खरीदेंगे तो यह मौका हाथ से निकल जाएगा। यह एक मनोवैज्ञानिक तरीका है जो आपको तुरंत खरीदने के लिए मजबूर करता है।
Read also this : नैनो बनाना ट्रेंड: क्या आप AI टूल्स से तस्वीरें बनवा रहे हैं? तो इन खतरों से सावधान रहें, अपनी निजता न खोएँ!..
कभी-कभी, कंपनियां किसी प्रोडक्ट की असली कीमत बढ़ा देती हैं और फिर बड़ा डिस्काउंट देती हैं। ग्राहक को लगता है कि उन्हें बहुत अच्छा सौदा मिल रहा है, जबकि असल में प्रोडक्ट इतना सस्ता नहीं होता। इसे "नकली डिस्काउंट" कहा जाता है, और यह ऑनलाइन शॉपिंग की दुनिया में बहुत आम है।
अगले कुछ दिन बड़ी बड़ी कार कंपनी एहसान लादने का प्रयास करेंगी। ‘देखो हमने दाम कितने कम कर दिए’ बोलेंगे यही डिस्काउंट है। आप बेवक़ूफ़ बनकर मत आइएगा। यह टैक्स कम हुआ है तो उसका बेनिफिट आपको देना आपका हक है। डिस्काउंट इसके अलावा माँगिए। डीलर्स को ज़्यादा हीरो मत बनने दीजिएगा। pic.twitter.com/5Fe6HYsOPN
— Sanket Upadhyay (@sanket) September 7, 2025