उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल केदारनाथ धाम के कपाट आज विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। हर साल की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे और पूरे धाम में "हर-हर महादेव" के जयकारों से माहौल गूंज उठा।
कपाट खुलने के अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विशेष पूजा-अर्चना की और प्रदेश तथा देश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मिक शांति का स्रोत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शुभ अवसर पर देशवासियों और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी तीर्थयात्रियों से "पांच संकल्प" अपनाने की अपील की, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
स्वच्छता का पालन
स्थानीय संस्कृति का सम्मान
पर्यावरण संरक्षण
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा
डिजिटल भुगतान को अपनाना
पीएम ने कहा कि इन संकल्पों से न केवल यात्रा का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि उत्तराखंड की स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को भी मजबूती मिलेगी।
राज्य सरकार और प्रशासन ने इस बार यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। स्वास्थ्य सेवाएं, हेलीकॉप्टर सेवा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और आपदा नियंत्रण पर विशेष फोकस किया गया है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और ट्रैकिंग सिस्टम भी लागू किया गया है, जिससे यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सके।
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की शुरुआत हो गई है। इससे राज्य में पर्यटन गतिविधियां तेज होंगी और स्थानीय व्यवसायों—जैसे होटल, रेस्टोरेंट और ट्रांसपोर्ट—को बड़ा फायदा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच सकते हैं, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
केदारनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि प्रकृति और आध्यात्म का संगम है। ऐसे में श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे नियमों का पालन करें और यात्रा को सुरक्षित व स्वच्छ बनाए रखें।
Read More: Parliament LIVE: महिला आरक्षण और परिसीमन पर संसद में आज गरमागरम बहस, हिबी ईडन का विरोध नोटिस