बैठक में शहरी परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया। नगर विकास मंत्री एके शर्मा द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसके तहत निजी ऑपरेटरों को ई-चार्जिंग सुविधाओं के साथ नेट कॉस्ट बेसिक कॉन्ट्रैक्ट पर अनुमति दी जाएगी।
इस योजना के अंतर्गत लखनऊ और कानपुर के 10–10 रूटों पर ई-बसें चलाई जाएंगी। फिलहाल हर रूट पर एक बस उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रकार दोनों शहरों में कुल 20 ई-बसें चरणबद्ध तरीके से संचालन में लाई जाएंगी।
प्रत्येक बस की अनुमानित लागत लगभग 10 करोड़ रुपये होगी। इन बसों का संचालन 12 वर्षों की अवधि वाले कॉन्ट्रैक्ट के तहत किया जाएगा। इस दौरान बसों के किराये का निर्धारण करने का अधिकार सरकार के पास रहेगा, ताकि यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े और व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे।
बसों के संचालन के लिए निजी ऑपरेटरों का चयन टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। चयनित ऑपरेटरों को सरकार लाइसेंस उपलब्ध कराएगी। साथ ही ई-बसों की चार्जिंग सुविधा की जिम्मेदारी भी सरकार अपने स्तर पर सुनिश्चित करेगी।
इस तरह यह बैठक न केवल शहरी परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण-हितैषी बनाने की दिशा में कदम है, बल्कि सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर करने के लिए सरकार की प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है।
????लखनऊ : योगी कैबिनेट की बैठक में अहम फैसले????
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) September 2, 2025
✅ 15 प्रस्तावों पर लगी मुहर
???? आउटसोर्स सेवा निगम का गठन पास, नियमित पदों के सापेक्ष आउटसोर्सिंग भर्ती नहीं होगी
???? नगरीय परिवहन हेतु लखनऊ और कानपुर के 10-10 रूटों पर ई-बस परिचालन प्रस्ताव पास
???? 6 वर्ष के लिए इलेक्ट्रॉनिक पॉलिसी को… pic.twitter.com/fTjaTXhYtg