उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मिनी पावर स्टेशन का पर्दाफाश किया है। DM और SP के संयुक्त छापे में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि एक अवैध सेटअप के जरिए 50-60 घरों को लगातार बिजली आपूर्ति की जा रही थी। यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद की गई।
प्रशासन को सूचना मिल रही थी कि कुछ इलाकों में बिना मीटर और बिना वैध कनेक्शन के बिजली का इस्तेमाल हो रहा है। इसी आधार पर जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। छापेमारी के दौरान एक घर के भीतर ट्रांसफॉर्मर, केबल, स्विच गियर और कंट्रोल पैनल बरामद किए गए, जिससे आसपास के घरों में बिजली सप्लाई की जा रही थी।
जांच में सामने आया कि यह पूरा सिस्टम बेहद योजनाबद्ध तरीके से चलाया जा रहा था। चोरी की बिजली को पहले एक जगह इकट्ठा कर डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क के जरिए कई घरों तक पहुंचाया जा रहा था। इससे न सिर्फ सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था, बल्कि आग लगने और करंट लगने जैसी घटनाओं का खतरा भी बना हुआ था।
छापे के बाद DM-SP ने साफ कहा कि बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बिजली विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि पूरे जिले में विशेष जांच अभियान चलाया जाए, ताकि ऐसे अवैध कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें तुरंत काटा जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक बिजली चोरी का सीधा असर ईमानदार उपभोक्ताओं पर पड़ता है। इससे लोड बढ़ता है, बार-बार फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्या आती है और बिजली दरों पर भी दबाव पड़ता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अवैध कनेक्शन से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। संभल ही नहीं, पूरे जिले में बिजली चोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी, ताकि व्यवस्था सुधरे और सुरक्षित व निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
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