कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। अब तक भारत ने कुल 17 पदक अपने नाम कर लिए हैं और पदक तालिका में 10वें स्थान पर पहुंच गया है। भारतीय दल के खाते में 3 स्वर्ण, 10 रजत और 4 कांस्य पदक हैं। हालिया मुकाबलों में लवप्रीत सिंह ने वेटलिफ्टिंग में रजत पदक और सीमा कालिरामना ने डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक जीतकर भारत की झोली में दो और पदक जोड़े।
कुल पदक: 17
स्वर्ण: 3
रजत: 10
कांस्य: 4
पदक तालिका में स्थान: 10वां
भारतीय खिलाड़ी लगातार अलग-अलग स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और आने वाले दिनों में पदकों की संख्या बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
कॉमनवेल्थ गेम्स के शुरुआती दिनों में भारत ने वेटलिफ्टिंग और पावरलिफ्टिंग में शानदार शुरुआत की। इसके बाद कई भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
भारत ने अब तक 3 स्वर्ण पदक जीते हैं। इनमें वेटलिफ्टिंग और अन्य स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।
लवप्रीत सिंह (वेटलिफ्टिंग) – शानदार प्रदर्शन के साथ रजत पदक।
अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में मिलकर कुल 10 रजत पदक दिलाए हैं।
सीमा कालिरामना (डिस्कस थ्रो) – बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक।
भारत अब तक 4 कांस्य पदक जीत चुका है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में वेटलिफ्टिंग भारत का सबसे सफल खेल साबित हुआ है। भारतीय वेटलिफ्टर अब तक 8 पदक जीत चुके हैं। लवप्रीत सिंह के रजत पदक ने इस खेल में भारत की मजबूत स्थिति को और मजबूत किया है।
अब भारतीय प्रशंसकों की नजरें नीरज चोपड़ा और तेजस्विन शंकर जैसे स्टार खिलाड़ियों पर टिकी हैं। पुरुष जेवलिन थ्रो फाइनल में नीरज चोपड़ा स्वर्ण पदक के बड़े दावेदार माने जा रहे हैं, जबकि डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर भी पदक की दौड़ में शामिल हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अभी कई अहम मुकाबले बाकी हैं। एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, कुश्ती और अन्य स्पर्धाओं में भारत के पास पदक जीतने के कई अवसर हैं। यदि भारतीय खिलाड़ी इसी लय को बनाए रखते हैं, तो टीम इंडिया पदक तालिका में टॉप-5 की ओर मजबूत कदम बढ़ा सकती है।
भारत के खाते में कुल 17 पदक।
3 गोल्ड, 10 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज।
पदक तालिका में भारत 10वें स्थान पर।
लवप्रीत सिंह ने जीता सिल्वर मेडल।
सीमा कालिरामना ने दिलाया ब्रॉन्ज।
वेटलिफ्टिंग में भारत ने अब तक 8 पदक जीते।
नीरज चोपड़ा और तेजस्विन शंकर से अगले पदकों की उम्मीद।