हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शिमला और मनाली समेत ऊंचाई वाले इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि कांगड़ा और चंबा जिलों में तेज बारिश हुई। खराब मौसम के कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है और यातायात भी प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी कुछ इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है।
राज्य की राजधानी शिमला और पर्यटन नगरी मनाली में देर रात से ही तेज हवाओं के साथ बर्फबारी शुरू हो गई। बर्फ पड़ने से जहां पहाड़ों की खूबसूरती बढ़ गई, वहीं आम जनजीवन पर असर पड़ा। तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड अचानक बढ़ गई। कई जगहों पर सड़कों पर बर्फ जमने से वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई।
कांगड़ा और चंबा जिलों में मूसलाधार बारिश के कारण स्थानीय नाले और छोटी नदियां उफान पर आ गईं। कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है। किसानों ने बताया कि बारिश से रबी की फसलों को आंशिक नुकसान हो सकता है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में यह बारिश फायदेमंद भी मानी जा रही है।
तेज आंधी और भारी बारिश के चलते कई इलाकों में बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हो गए हैं। शिमला, कुल्लू और चंबा के कुछ हिस्सों में घंटों तक बिजली गुल रही। संचार सेवाओं पर भी असर पड़ा, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने मरम्मत कार्य के लिए टीमें तैनात कर दी हैं।
शिमला-मनाली में आंधी-तूफान के साथ बर्फबारी
कांगड़ा और चंबा में तेज बारिश
कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित
तापमान में तेज गिरावट, ठंड बढ़ी
प्रशासन अलर्ट, पर्यटकों को सावधानी की सलाह
मौसम की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। पर्यटकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानने को कहा गया है। बर्फबारी वाले क्षेत्रों में वाहनों के लिए चेन लगाने की भी हिदायत दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले एक-दो दिनों तक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद मौसम के साफ होने की उम्मीद है।
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