दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। रविवार सुबह राजधानी का औसत AQI 300 के पार दर्ज किया गया, जो कि ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में आता है। कई इलाकों में स्थिति और ज्यादा चिंताजनक है, खासकर जहांगीरपुरी, जहां AQI 401 तक पहुंच गया, जिसे ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी माना जाता है। ऐसे में लोगों का सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा है और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलर्ट जारी किया है।
प्रदूषण का स्तर बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं—जैसे कम हवा चलना, तापमान में गिरावट, धूल और वाहन प्रदूषण। विशेषज्ञों के मुताबिक हवा की गति कम होने से प्रदूषक कण जमीन के पास ही जमा हो रहे हैं, जिससे स्मॉग छाने लगा है। दिल्ली के कुछ इलाकों में सुबह और शाम के समय धुंध की परत साफ देखी जा रही है।
डॉक्टर्स ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस स्तर के प्रदूषण में गले में जलन, आंखों में खुजली, सीने में भारीपन, सांस फूलना जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों, अस्थमा और हृदय रोगियों के लिए यह स्तर बेहद खतरनाक है।
कई अस्पतालों में प्रदूषण से जुड़ी शिकायतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
सरकारी एजेंसियों व विशेषज्ञों ने नागरिकों से सावधान रहने की अपील की है।
कुछ महत्वपूर्ण सलाहें:
बाहर निकलते समय N95 मास्क पहनें
ज़रूरी न हो तो सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें
घर के अंदर एयर-प्यूरीफायर का उपयोग करें
भरपूर पानी पिएं
बच्चों को आउटडोर एक्टिविटी से दूर रखें
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई तात्कालिक कदम तेज किए हैं।
इनमें शामिल हैं:
निर्माण कार्यों पर सख्ती
सड़कों पर पानी का छिड़काव
हॉटस्पॉट क्षेत्रों में एंटी-स्मॉग गन का उपयोग
प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी
हालाँकि, विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक प्रदूषण के मूल कारणों पर दीर्घकालिक समाधान नहीं अपनाए जाते, तब तक दिल्ली हर साल इसी तरह की स्थिति का सामना करती रहेगी।
दिल्ली की हवा का लगातार बिगड़ना चिंता का विषय है। AQI 300+ और 401 स्तर यह संकेत दे रहे हैं कि प्रदूषण इस समय खतरनाक सीमा पर है। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, वहीं प्रशासन को सख्त और स्थायी कदम उठाने होंगे, ताकि राजधानी की हवा को फिर से सांस लेने लायक बनाया जा सके।
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