उत्तर प्रदेश (UP) में साइबर अपराधियों का नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है। हाल ही में सामने आए एक नए मामले ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। अब ठग कुछ ही सेकंड में बैंक खाते से पूरी रकम साफ कर दे रहे हैं। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसा रहा है और तकनीक का गलत इस्तेमाल कर रहा है।
साइबर ठग सबसे पहले लोगों को फर्जी कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया लिंक के जरिए संपर्क करते हैं। कई मामलों में वे खुद को बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर प्रतिनिधि या सरकारी एजेंसी का कर्मचारी बताकर भरोसा जीतते हैं।
OTP और KYC अपडेट के नाम पर ठगी
फर्जी ऐप डाउनलोड करवाना
स्क्रीन शेयरिंग के जरिए बैंक डिटेल्स हासिल करना
UPI ऑटो पेमेंट एक्टिवेट कराना
जैसे ही पीड़ित अपनी जानकारी साझा करता है, कुछ ही सेकंड में उसके खाते से पैसे ट्रांसफर हो जाते हैं। कई मामलों में रकम दूसरे राज्यों या विदेशों तक पहुंचाई जा रही है।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में कई टीमें गठित की हैं। साइबर सेल की विशेष यूनिट डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है। पुलिस को शक है कि इस पूरे रैकेट के पीछे एक बड़ा मास्टरमाइंड है, जो अलग-अलग राज्यों में बैठकर नेटवर्क चला रहा है।
संदिग्ध बैंक खातों की जांच
फर्जी सिम कार्ड और खातों की पहचान
कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का विश्लेषण
संदिग्ध लोकेशन पर छापेमारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बीते कुछ हफ्तों में कई जिलों से शिकायतें दर्ज हुई हैं। खासकर बुजुर्ग और ऑनलाइन बैंकिंग से कम परिचित लोग इस गिरोह का आसान निशाना बन रहे हैं।
लाखों रुपये की ठगी
शिकायत के बावजूद रकम रिकवर करना मुश्किल
फर्जी आईडी पर खोले गए बैंक खाते
विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर ठग तकनीक के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक दबाव का भी इस्तेमाल करते हैं।
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साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है:
कभी भी OTP या बैंक डिटेल किसी से साझा न करें
अनजान लिंक या ऐप डाउनलोड न करें
बैंक कॉल का दावा करने वालों की आधिकारिक नंबर से पुष्टि करें
संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं
राज्य प्रशासन ने लोगों से जागरूक रहने की अपील की है। स्कूलों, कॉलेजों और पंचायत स्तर पर साइबर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल लेनदेन सुरक्षित है, बशर्ते सावधानी बरती जाए।
उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध का यह नया तरीका लोगों के लिए बड़ी चेतावनी है। कुछ सेकंड की लापरवाही जीवन भर की कमाई छीन सकती है। पुलिस मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है, लेकिन सबसे बड़ा हथियार जागरूकता ही है। यदि समय रहते सावधानी बरती जाए, तो ऐसे अपराधों से बचा जा सकता है।
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