मध्य प्रदेश से सामने आई एक दिल दहला देने वाली खबर ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। मामूली खांसी-जुकाम के इलाज के लिए दिया गया कफ सिरप एक मासूम बच्चे की जान ले बैठा। इलाज के दौरान बच्चे को नागपुर स्थित AIIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
परिजनों के मुताबिक, बच्चे को कुछ दिन पहले सर्दी-खांसी की शिकायत हुई थी। स्थानीय स्तर पर डॉक्टर ने उसे कफ सिरप दिया। दवा लेने के कुछ ही दिनों बाद बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उल्टी, सुस्ती और पेशाब में कमी जैसे लक्षण दिखाई दिए। हालत गंभीर होने पर उसे पहले जिला अस्पताल और फिर नागपुर AIIMS रेफर किया गया।
AIIMS नागपुर के डॉक्टरों की जांच में सामने आया कि बच्चे की दोनों किडनियां पूरी तरह फेल हो चुकी थीं। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, कफ सिरप में मौजूद कुछ टॉक्सिक तत्वों ने किडनी पर गहरा असर डाला। डॉक्टरों ने बच्चे को डायलिसिस पर रखा, लेकिन शरीर ने इलाज का साथ नहीं दिया और अंततः मासूम ने दम तोड़ दिया।
बच्चे की मौत के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि बिना पूरी जांच के घटिया क्वालिटी की दवा दी गई, जिसने उनके बच्चे की जान ले ली। परिजनों ने इस मामले में दवा निर्माता कंपनी और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामला सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं। संबंधित कफ सिरप का सैंपल जब्त कर लिया गया है और उसकी लैब जांच कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर दवा में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
यह पहली बार नहीं है जब कफ सिरप से बच्चों की जान जाने का मामला सामने आया हो। इससे पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों में दूषित दवाओं के कारण मासूमों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद दवा की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं।
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