Jagannath Rath Yatra: लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का महासंगम, पुरी में बारिश के बीच निकले भगवान जगन्नाथ

पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभकामनाएं दीं। बारिश के बावजूद लाखों श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा।

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पुरी में भक्तिमय माहौल, बारिश के बीच निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा

ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभारंभ श्रद्धा और उत्साह के साथ हो गया। लाखों श्रद्धालु "जय जगन्नाथ" के जयघोष के बीच भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के रथों का दर्शन करने के लिए पुरी पहुंचे। रथ यात्रा के पहले दिन बारिश होने के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। श्रद्धालु भीगते हुए भी भगवान के दर्शन और रथ खींचने का सौभाग्य प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रथ यात्रा के शुभ अवसर पर देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ की कृपा सभी पर बनी रहे और देश में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास हो।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ सभी के जीवन में सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आएं। उन्होंने इस पावन पर्व को भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक बताया।

बारिश के बीच भी नहीं टूटा श्रद्धालुओं का उत्साह

रथ यात्रा के दौरान पुरी में लगातार हल्की से मध्यम बारिश होती रही। इसके बावजूद लाखों श्रद्धालु सड़क किनारे डटे रहे। कई भक्त पारंपरिक वेशभूषा में भगवान के भजन-कीर्तन करते हुए रथों के साथ चलते नजर आए। प्रशासन ने बारिश को देखते हुए विशेष सुरक्षा और राहत व्यवस्था की थी ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

बारिश के बावजूद रथों को खींचने की परंपरा पूरे उत्साह के साथ निभाई गई।

तीनों रथों की निकली भव्य यात्रा

रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा अपने-अपने भव्य रथों पर विराजमान होकर श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करते हैं।

तीनों रथों के नाम:

  • नंदीघोष – भगवान जगन्नाथ

  • तालध्वज – भगवान बलभद्र

  • दर्पदलन – देवी सुभद्रा

इस यात्रा को देखने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु पुरी पहुंचे हैं।

सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

ओडिशा सरकार और स्थानीय प्रशासन ने रथ यात्रा के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। हजारों पुलिसकर्मियों, अर्धसैनिक बलों, ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी निगरानी और मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है। भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष कंट्रोल रूम बनाए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

क्या है रथ यात्रा का धार्मिक महत्व?

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान जगन्नाथ अपने भाई-बहन के साथ मौसी के घर यानी गुंडिचा मंदिर जाते हैं। भक्तों का विश्वास है कि रथ के दर्शन और उसे खींचने से पुण्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन के कष्ट दूर होते हैं।

मुख्य बातें 

  • पुरी में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभारंभ।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी शुभकामनाएं।

  • बारिश के बावजूद लाखों श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब।

  • भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ निकले।

  • सुरक्षा के लिए हजारों जवान, ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी।

  • देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु, पूरे पुरी में भक्तिमय वातावरण।

निष्कर्ष

बारिश के बीच शुरू हुई भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा ने एक बार फिर आस्था, परंपरा और भारतीय संस्कृति की भव्य झलक प्रस्तुत की। श्रद्धालुओं का उत्साह यह दर्शाता है कि मौसम की चुनौतियां भी उनकी भक्ति को कम नहीं कर सकतीं। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की शुभकामनाओं के साथ यह पावन यात्रा देशभर में धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश लेकर आई।

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