आज देशभर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती बड़े सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई बड़े नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. आंबेडकर का जीवन सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों के लिए समर्पित रहा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे बाबा साहेब के आदर्शों को अपनाकर देश को आगे बढ़ाएं।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “डॉ. आंबेडकर का योगदान भारत के संविधान और लोकतंत्र की मजबूत नींव है। उनका संघर्ष हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।” उन्होंने बाबा साहेब को गरीबों और वंचितों की आवाज बताया।
कई केंद्रीय मंत्रियों, राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों ने भी इस अवसर पर बाबा साहेब को याद किया। योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि डॉ. आंबेडकर ने भारत को एक मजबूत लोकतांत्रिक ढांचा दिया।
इसके अलावा, विपक्षी नेताओं ने भी उनके योगदान को याद करते हुए सामाजिक समानता और संविधान की रक्षा का संकल्प दोहराया।
इस मौके पर देश के कई हिस्सों में रैलियां, संगोष्ठियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। दीक्षाभूमि और चैत्यभूमि जैसे प्रमुख स्थलों पर हजारों लोग जुटे और बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी।
डॉ. आंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समानता का प्रतीक है। उन्होंने न केवल भारत के संविधान का निर्माण किया, बल्कि समाज के हर वर्ग को न्याय दिलाने के लिए जीवनभर प्रयास किया।
आज उनकी जयंती पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है और उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प ले रहा है।
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