उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने होली पर्व को देखते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में अवैध और जहरीली शराब का न तो निर्माण हो और न ही बिक्री। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं, इसलिए प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतनी होगी।
सीएम योगी ने आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को संयुक्त रूप से अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होली के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए। संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की जाए और अवैध शराब के नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शराब की दुकानों पर भी निगरानी रखी जाए ताकि ओवररेटिंग या मिलावटी शराब की बिक्री न हो। साथ ही सीमावर्ती जिलों में भी चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अन्य राज्यों से अवैध शराब की तस्करी न हो सके।
अवैध शराब पर पूर्ण रोक लगाने के लिए संयुक्त अभियान।
त्योहार के दौरान 24 घंटे निगरानी व्यवस्था लागू करने के निर्देश।
संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी और कड़ी कार्रवाई।
सीमावर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने का आदेश।
दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर भी कड़ी जवाबदेही तय।
सीएम योगी ने जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब का निर्माण या बिक्री हो रही हो तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें। उन्होंने कहा कि कई बार जहरीली शराब के कारण लोगों की जान चली जाती है, इसलिए इसे रोकना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
सरकार का उद्देश्य है कि होली का त्योहार शांति, सौहार्द और सुरक्षित माहौल में मनाया जाए। इसके लिए पुलिस और प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। त्योहार के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
होली के मद्देनजर राज्य सरकार की यह सख्ती यह संदेश देती है कि जन सुरक्षा सर्वोपरि है और अवैध गतिविधियों पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
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