उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 को अचानक स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे पत्र में कहा कि वे अपनी सेहत को प्राथमिकता देने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के लिए तत्काल प्रभाव से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
हालांकि, उनके इस्तीफे के पीछे केवल स्वास्थ्य कारणों का उल्लेख किया गया, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस इस्तीफे को लेकर अन्य कारणों की भी चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दलों द्वारा न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाए जाने के बाद, धनखड़ ने इसे स्वीकार किया था, जबकि सरकार इस कदम के खिलाफ थी। इससे सरकार और उपराष्ट्रपति के बीच मतभेद उभरकर सामने आए, जिससे एक असहमति की स्थिति बन गई। ऐसी स्थिति में, उपराष्ट्रपति ने इस्तीफा देने का निर्णय लिया, जिससे सरकार द्वारा प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव से बचा जा सके।
धनखड़ का इस्तीफा भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना है, क्योंकि वे पहले उपराष्ट्रपति हैं जिन्होंने अपने कार्यकाल के मध्य में इस्तीफा दिया। उनके इस्तीफे के बाद, निर्वाचन आयोग ने 9 सितंबर 2025 को उपराष्ट्रपति चुनाव की तिथि घोषित की है।
इस प्रकार, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा स्वास्थ्य कारणों के साथ-साथ राजनीतिक परिस्थितियों का भी परिणाम प्रतीत होता है।
अधिसूचना के अनुसार:
नामांकन दाखिल करने की अवधि: 7 अगस्त से 21 अगस्त 2025 तक
नामांकन पत्रों की जांच: 22 अगस्त 2025
नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि: 25 अगस्त 2025 तक
यदि एक से अधिक उम्मीदवार हों, चुनाव होगा:
मतदान: 9 सितंबर 2025, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक
मतगणना: उसी दिन, शाम तक परिणाम घोषित
संविधान एवं कानून के तहत प्रक्रिया
ये पूरी प्रक्रिया संविधान की धारा 324, राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 और 1974 आदि के अंतर्गत होती है।
अधिनियम की धारा 4(3) के अनुसार सामान्य कार्यकाल समाप्त होने से 60 दिन पहले निर्वाचन आयोग को अधिसूचना जारी करनी होती है; स्वास्थ्य संबंधी इस्तीफे जैसी आपात स्थिति में भी आयोग समुचित समय में चुनाव की प्रक्रिया शुरू करता है ताकि संवैधानिक रिक्तता न रहे
उपराष्ट्रपति के चुनाव में लोकसभा-राज्यसभा के सभी निर्वाचित सांसदों और राष्ट्रपति द्वारा नामित राज्यसभा के 12 सदस्य शामिल होते हैं, इस तरह बनने वाले इलेक्टोरल कॉलेज द्वारा प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन और सिंगल ट्रांसफरेबल वोट प्रणाली से चुनाव होता है।
सभी वोटरों (सांसदों) के वोट का मूल्य एक समान होता है। वोटिंग पोस्टल बैलेट द्वारा होती है, और चुनाव आयोग की विशेष स्याही वाली कलम का उपयोग अनिवार्य है; अन्य कलम से वोट अमान्य माना जाता है
भारत में उपराष्ट्रपति चुनाव एक विशेष निर्वाचक मंडल (Electoral College) द्वारा किया जाता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के सभी निर्वाचित एवं मनोनीत सदस्य मतदान करते हैं। अर्थात, इस चुनाव में केवल सांसद ही वोट डालते हैं, राज्य विधानसभाओं के सदस्य इसमें भाग नहीं लेते। राज्यसभा के 12 नामित सदस्य भी इस मतदान में भाग ले सकते हैं, जो इसे राष्ट्रपति चुनाव से अलग बनाता है (जहाँ केवल निर्वाचित सदस्य ही मतदान करते हैं)। चुनाव एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote System) और गोपनीय मतदान (Secret Ballot) के माध्यम से होता है। प्रत्येक सांसद की वोटिंग का मूल्य समान होता है, और यह सुनिश्चित किया जाता है कि उपराष्ट्रपति उस उम्मीदवार को चुना जाए जो व्यापक संसद समर्थन प्राप्त करे। चुनाव प्रक्रिया का संचालन भारत का निर्वाचन आयोग करता है।
उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान एक विशेष प्रक्रिया के तहत होता है, जिसे एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote System) और गोपनीय मतदान (Secret Ballot) कहा जाता है। इस प्रणाली में सांसदों को एक ही मतपत्र पर उम्मीदवारों की प्राथमिकता क्रम में रैंकिंग देनी होती है – यानी वे अपनी पहली, दूसरी, तीसरी पसंद आदि अंकित करते हैं। मतदाता (सांसद) केवल निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदान की गई विशेष स्याही और कलम का ही उपयोग कर सकते हैं; किसी अन्य कलम का प्रयोग करने पर वोट अमान्य हो जाता है। यदि किसी उम्मीदवार को पहले वरीयता के आधार पर जरूरी कोटा (न्यूनतम आवश्यक वोट) मिल जाता है, तो वह जीत जाता है। यदि ऐसा न हो, तो सबसे कम वोट पाने वाले उम्मीदवार को हटाकर उसके वोटों को अगली वरीयता के अनुसार स्थानांतरित किया जाता है। यह प्रक्रिया तब तक दोहराई जाती है जब तक कोई एक उम्मीदवार विजयी घोषित न हो जाए। इस तरह यह मतदान प्रणाली सुनिश्चित करती है कि निर्वाचित उपराष्ट्रपति को संसद के बहुसंख्यक सदस्यों की व्यापक स्वीकृति प्राप्त हो।
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सारांश तालिका |
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पहलू |
विवरण |
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इस्तीफा तिथि |
21 जुलाई 2025 (जगदीप धनखड़) |
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अधिसूचना जारी करने की तिथि |
1 अगस्त 2025 |
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नामांकन अवधि नामांकन जांच |
7–21 अगस्त 2025 22 अगस्त 2025 |
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नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि |
25 अगस्त 2025 |
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मतदान और मतगणना |
9 सितंबर 2025 (सुबह–शाम) |
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निर्वाचन प्रक्रिया |
संसदीय मतदान प्रणाली व STV |
बहुत बड़ी खबर!
— Ankit Kumar Avasthi (@kaankit) July 21, 2025
भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जी ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने स्वास्थ्य कारणों के आधार पर यह निर्णय लिया है। अपने इस्तीफे में उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 67(क) का हवाला दिया है। pic.twitter.com/wopnH0eCYY