गुजरात एटीएस ने पिछले हफ्ते एक्यूआईएस से जुड़े चार आतंकियों - मोहम्मद फरीदीन, सैफुल्लाह कुरैशी, जीशान अली और मोहम्मद फैक को गिरफ्तार किया था। इन्हें गुजरात, दिल्ली और नोएडा से गिरफ्तार किया गया था। इन आरोपियों से पूछताछ के दौरान एक महिला मॉड्यूल संचालक का नाम सामने आया, जिसका नाम शमा परवीन था। इसके बाद एटीएस ने बेंगलुरु में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
शमा 30 साल की हैं और मूल रूप से झारखंड की रहने वाली हैं।
वह बेंगलुरु के हेब्बल इलाके के मनोरायनपाल्या में रहती थीं।
शुरुआती जाँच से पता चला है कि वह कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित थीं और AQIS के लिए युवाओं की भर्ती कर रही थीं
गुजरात एटीएस के अनुसार, शमा सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फर्जी नामों से कई अकाउंट चला रही थी। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए वह जिहादी विचारधारा फैला रही थी और युवाओं को कट्टरपंथी बना रही थी।
उसके मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच में पाकिस्तान के साथ उसकी बातचीत और संपर्कों के सबूत मिले हैं।
कहा जाता है कि वह AQIS की महिला विंग की प्रमुख है और उसके निर्देश पर कई जगहों पर स्लीपर सेल सक्रिय किए जा रहे थे।
23 जुलाई को गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी AQIS से जुड़े थे। ATS का दावा है कि उन सभी की शमा परवीन के साथ डिजिटल बातचीत और सोशल मीडिया कनेक्शन थे।
ये आरोपी जिहादी सामग्री फैला रहे थे और भारत के विभिन्न हिस्सों में आतंकवादी गतिविधियों की योजना बना रहे थे। ATS का मानना है कि शमा उन सभी को ऑनलाइन निर्देश दे रही थी।
शमा को बेंगलुरु पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया गया और फिर ट्रांजिट रिमांड पर गुजरात लाया गया।
अब उससे भारत में AQIS की गतिविधियों, उसके वित्तपोषण स्रोतों, पाकिस्तान से संबंधों और अन्य गुप्त समूहों के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है।
एटीएस ने कहा है कि पूछताछ के दौरान नई जानकारियाँ और नाम सामने आ सकते हैं। इस गिरफ्तारी को भारत में AQIS के नेटवर्क को तोड़ने में एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
गुजरात एटीएस ने पिछले हफ्ते एक्यूआईएस से जुड़े चार आतंकियों - मोहम्मद फरीदीन, सैफुल्लाह कुरैशी, जीशान अली और मोहम्मद फैक को गिरफ्तार किया था। इन्हें गुजरात, दिल्ली और नोएडा से गिरफ्तार किया गया था। इन आरोपियों से पूछताछ के दौरान एक महिला मॉड्यूल संचालक का नाम सामने आया, जिसका नाम शमा परवीन था। इसके बाद एटीएस ने बेंगलुरु में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
शमा 30 साल की हैं और मूल रूप से झारखंड की रहने वाली हैं।
वह बेंगलुरु के हेब्बल इलाके के मनोरायनपाल्या में रहती थीं।
शुरुआती जाँच से पता चला है कि वह कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित थीं और AQIS के लिए युवाओं की भर्ती कर रही थीं
गुजरात एटीएस के अनुसार, शमा सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फर्जी नामों से कई अकाउंट चला रही थी। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए वह जिहादी विचारधारा फैला रही थी और युवाओं को कट्टरपंथी बना रही थी।
उसके मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच में पाकिस्तान के साथ उसकी बातचीत और संपर्कों के सबूत मिले हैं।
कहा जाता है कि वह AQIS की महिला विंग की प्रमुख है और उसके निर्देश पर कई जगहों पर स्लीपर सेल सक्रिय किए जा रहे थे।
23 जुलाई को गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी AQIS से जुड़े थे। ATS का दावा है कि उन सभी की शमा परवीन के साथ डिजिटल बातचीत और सोशल मीडिया कनेक्शन थे।
ये आरोपी जिहादी सामग्री फैला रहे थे और भारत के विभिन्न हिस्सों में आतंकवादी गतिविधियों की योजना बना रहे थे। ATS का मानना है कि शमा उन सभी को ऑनलाइन निर्देश दे रही थी।
शमा को बेंगलुरु पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया गया और फिर ट्रांजिट रिमांड पर गुजरात लाया गया।
अब उससे भारत में AQIS की गतिविधियों, उसके वित्तपोषण स्रोतों, पाकिस्तान से संबंधों और अन्य गुप्त समूहों के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है।
| तत्व | विवरण |
| नाम | शमा परवीन |
| उम्र | 30 वर्ष |
| मूल निवास | झारखंड |
| वर्तमान निवास | बेंगलुरु, कर्नाटक |
| संगठन से संबंध | AQIS (Al-Qaeda in the Indian Subcontinent) |
| गतिविधियाँ | जिहादी प्रचार, सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं की भर्ती |
| अंतरराष्ट्रीय लिंक | पाकिस्तान स्थित आतंकियों से सीधा संपर्क |
| अन्य गिरफ्तारियाँ | 4 AQIS आतंकवादी पहले ही पकड़े जा चुके |
| कार्रवाई | बेंगलुरु से गिरफ्तार, गुजरात ATS को ट्रांजिट रिमांड पर सौंपा गया |
| जांच स्थिति | गहन पूछताछ जारी, नए खुलासों की संभावना |
???? गुजरात ATS का एक और बड़ा धमाका।????
— υяvι (@Urvi535318) July 30, 2025
30 वर्षीय शमा परवीन को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया है। जो AQIS नेटवर्क की मुख्य हैंडलर थी। ये वही नेटवर्क है जिससे मोहम्मद फैयाज़, मोहम्मद फर्दीन, सैफुल्लाह कुरैशी और ज़ीशान अली जैसे आतंकी जुड़े थे। गुजरात, दिल्ली और नोएडा में पहले पकड़े गए… pic.twitter.com/STeLk3ulfP