यूपी शिक्षक भर्ती नियम: उत्तर प्रदेश सरकार ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) भर्ती के लिए पात्रता मानदंड में संशोधन किया है। इस निर्णय के साथ, टीजीटी भर्ती में जीव विज्ञान विषय को फिर से शामिल किया गया है और कुछ पीजीटी पदों की पात्रता शर्तों में बदलाव किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में उम्मीदवार प्रभावित होंगे।
नए निर्देशों के अनुसार, राज्य के 4,512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी भर्ती के लिए जीव विज्ञान को पुनः एक विषय के रूप में शामिल किया गया है। अब जीव विज्ञान स्नातक, विशेष रूप से प्राणीशास्त्र एवं वनस्पति विज्ञान में स्नातक और बी.एड. डिग्री धारक अभ्यर्थी टीजीटी जीव विज्ञान के पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस कदम से उन स्नातकों के लिए अवसर आया है जिन्हें पहले इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया था।
संशोधन के बाद, टीजीटी भर्ती में वर्तमान स्तर पर 26 विषयों और पूर्व स्तर पर 42 विषयों के लिए अलग-अलग विषयवार पात्रता निर्धारित की जाएगी। यह ढाँचा अभ्यर्थियों और चयन संस्थाओं, दोनों के लिए स्पष्ट मानक प्रदान करेगा।
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सरकार ने कुछ पीजीटी पदों के लिए पात्रता को और कड़ा कर दिया है। पीजीटी भूगोल के लिए अब केवल भूगोल में स्नातकोत्तर डिग्री अनिवार्य होगी।
इसी प्रकार, राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री धारक अभ्यर्थी पीजीटी नागरिक शास्त्र के पदों के लिए पात्र होंगे। इससे उच्चतर माध्यमिक स्तर पर विषयवार विशेषज्ञता सुनिश्चित होगी।
जीव विज्ञान, भूगोल और नागरिक शास्त्र के अलावा अन्य विषयों की पात्रता में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पूर्व की शर्तें यथावत लागू रहेंगी।
राज्यपाल की स्वीकृति के बाद यह संशोधन लागू कर दिया गया है और इसकी सूचना शिक्षा निदेशक, माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष को भेज दी गई है।
नए नियमों में विज्ञान और मानविकी दोनों विषयों के लिए विषयवार पात्रता स्पष्ट कर दी गई है। अब हाईस्कूल स्तर पर विज्ञान और जीव विज्ञान के शिक्षकों के लिए अलग-अलग श्रेणियां तय की जाएँगी और उनकी योग्यताएँ भी अलग-अलग होंगी।
22 अप्रैल के पुराने आदेश को निरस्त कर दिया गया है। 9 सितंबर को जारी नया आदेश प्रभावी हो गया है और अब केवल वही मान्य होगा। यह संशोधन नए अभ्यर्थियों और पहले से कार्यरत शिक्षकों, दोनों के लिए भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
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— ???????? देवी दत्त मिश्र ???????? (@deviduttmishra2) September 9, 2025
टीईटी सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य है।
बेहतर होगा, जो शिक्षक 90000 इस समय पा रहे हैं, यदि वे टीईटी परीक्षा बुरी तरह फेल हैं तो, @UPGovt उन्हें नौकरी से ना निकाले बल्कि, वेतन 90000 से घटाकर 3500 रुपया तब तक के लिए कर दे, जब तक ये टीईटी और सुपरटेट परीक्षा पास ना कर लें। pic.twitter.com/Gw2thlZkfK