आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा फतेहपुर समाधि विवाद पर सियासत तेज़, मंत्री सुरेश खन्ना ने अखिलेश के आरोपों का दिया जवाब, कहा-

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर ज़िले में समाधि को लेकर मचे बवाल के बाद सियासत तेज़ हो गई है। विपक्ष राज्य सरकार पर हमलावर है। विधानसभा में भी जमकर हंगामा हुआ। अखिलेश ने आरोपों की झड़ी लगा दी है। वहीं, मंत्री सुरेश खन्ना समेत अन्य नेताओं ने पलटवार किया है।

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यूपी के फतेहपुर में मजार को लेकर हुए बवाल के बाद सियासत तेज हो गई है। विपक्ष राज्य सरकार पर हमलावर है। विधानसभा में भी जमकर हंगामा हुआ। इस बीच, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मंत्री सुरेश खन्ना का वीडियो शेयर कर कहा कि जब 'मुखिया' खुद मुंह पर बंदिशें लगा रहे हैं तो सच कैसे सामने आएगा। उन्होंने कहा कि सीएम चाहते हैं कि आरोपियों के नाम किसी को पता न चले। कोई आरोपियों के नाम कैसे छिपा सकता है। सबको पता है कि आरोपी भाजपा नेता और कार्यकर्ता हैं।

दरअसल, सुरेश खन्ना कल विधानसभा में फतेहपुर के दंगाइयों के नाम पढ़ने वाले थे, लेकिन मुख्यमंत्री के संकेत के बाद उन्होंने नाम नहीं पढ़े। इसी को लेकर अखिलेश ने तंज कसा है।

हालांकि, बाद में विपक्ष के सवालों के बीच, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी विधानसभा में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और उसकी कोई भी मशीनरी इस घटना में किसी भी तरह से शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह से निराधार हैं और सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार कानून को अपने हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को कड़ी सजा देगी।

सुरेश खन्ना ने दिया ये जवाब

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के सवाल का जवाब देते हुए सुरेश खन्ना ने कहा कि इस घटना में सरकार और सरकारी मशीनरी की कोई संलिप्तता नहीं है, हम इससे पूरी तरह इनकार करते हैं। उन्होंने कहा कि घटना के तुरंत बाद 11 अगस्त को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस एफआईआर में 10 नामजद आरोपियों के अलावा 150 अज्ञात लोगों को भी शामिल किया गया है। इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 190, 191(2), 191(3), 301, 196 के साथ-साथ दंड विधि संशोधन अधिनियम-7 और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 2,3 के तहत कार्रवाई की जा रही है। खन्ना ने कहा कि ये धाराएँ इस बात का संकेत हैं कि सरकार इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

मामला शांत होने के बाद कार्रवाई का दौर शुरू होगा।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विपक्ष ऐसी घटनाओं को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है, जबकि हकीकत यह है कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बिना देरी किए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। 10 थानों का पुलिस बल, पीएसी की दो कंपनियां और प्रशासन की पूरी टीम इलाके में तैनात कर दी गई है। दोनों पक्षों से बातचीत कर माहौल को सामान्य बनाया जा रहा है। सरकार का साफ कहना है कि मामला शांत होने के बाद कार्रवाई का दौर शुरू होगा।

यूपी के मंत्री का बयान

इस मामले में, यूपी के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि सुरेश खन्ना ने स्पष्ट कर दिया है कि फतेहपुर मामले में जो भी शामिल होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन सपा केवल राजनीति करना चाहती है। यूपी में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं जहाँ हिंदू मंदिर मिले हैं, इसलिए इससे इनकार नहीं किया जा सकता। हालाँकि, मजार तोड़ना गलत है। लेकिन अगर यह हिंदुओं का धार्मिक स्थल है, तो इसका ज्यादा विरोध भी नहीं होना चाहिए।

सपा सांसद ने कहा- सरकार जारी करे टॉप 10 अपराधियों के नाम

फतेहपुर हिंसा पर सपा सांसद राजीव राय ने कहा- आरोपियों के नाम पढ़ना उन्हें शोभा नहीं देता। वह नहीं चाहेंगे कि उनके अनुयायियों के नाम इस तरह घोषित किए जाएँ। हम योगी सरकार से मांग करते हैं कि वह उत्तर प्रदेश के शीर्ष 10 अपराधियों के नाम जारी करें। आपको पता चल जाएगा कि वे सभी उनके (मुख्यमंत्री योगी के) आदमी हैं।